"अर्थ आवर" (Earth Hour) एक वैश्विक आंदोलन है जो जगह जगह मनाया जाता है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने एवं बढ़ती जनसंख्या के बीच ऊर्जा के उपयोग को कम करने की जागरूकता फैलाना होता है। इस आंदोलन में लोग एक घंटे तक (8:30 बजे से 9:30 बजे तक) अपनी बिजली की उपयोग से संबंधित सभी उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करते हुए एकत्रित होते हैं।
इस आंदोलन को पहली बार 2007 में शुरू किया गया था और अब इसे हर साल विभिन्न देशों में मनाया जाता है। इसके अलावा, लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए इस आंदोलन का समर्थन करते हुए विश्व भर में इसे संचालित करते हैं।
यह आंदोलन एक पर्यावरणीय उत्सव का रूप लेता है जो लोगों को ऊर्जा और पर्यावरण की महत्ता को समझाने के लिए प्रेरित करता है।
भारत मे Earth Hour-
2023 में Earth Hour 26 मार्च, शनिवार को भारत में मनाया गया। इस दिन 8:30 बजे से 9:30 बजे तक लोगों को अपनी बिजली की उपयोग से संबंधित सभी उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करते हुए एकत्रित होना चाहिए।
Earth Hour का महत्व-
अर्थ आवर जो कि हर साल मार्च के अंत में आयोजित किया जाने वाला एक वैश्विक पर्यावरण अभियान है। इस अभियान में लोग एक घंटे तक अपनी बिजली और बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बंद करते हैं। यह अभियान उस समय में आयोजित किया जाता है जब विश्व भर में ऊर्जा उपयोग में सबसे ज्यादा उत्पन्नता होती है, जिससे जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिलता है।
इस अभियान का महत्व विश्वास करने के साथ शुरू होता है कि हम सभी अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए पृथ्वी के विकास को बढ़ावा देते हैं। हमारे संसाधनों के उपयोग से, हम सबसे बड़ी पर्यावरण समस्याओं में से एक जैसे कि जलवायु परिवर्तन और जल संकट को बढ़ावा देते हैं।
इस अभियान का महत्व उतना ही अधिक बढ़ता है जितना कि हम सभी एक साथ एक घंटे तक बिजली का इस्तेमाल बंद करते हुए एक समूह के रूप में एक बड़े स्थानिक समुदाय के साथ जुड़ते हैं। इस अभियान से


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